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आयुर्वेद से एडेनोमायोसिस का प्रबंधन

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  एडेनोमायोसिस: कैसे आयुर्वेद से इसका इलाज किया जा सकता है? एडेनोमायोसिस एक मेडिकल स्थिति है जो कई महिलाओं को प्रभावित करती है, जिससे दर्दनाक और भारी मासिक धर्म, पेट में सूजन और असहजता होती है। हालांकि आधुनिक चिकित्सा विभिन्न उपचार विकल्प प्रदान करती है, आयुर्वेद, एक प्राचीन भारतीय प्राकृतिक उपचार प्रणाली, एक वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रदान करता है जिसमें पूर्णत: कल्याण पर ध्यान केंद्रित होता है। इस लेख में, हम देखेंगे कि आयुर्वेदिक सिद्धांतों और उपचारों के माध्यम से एडेनोमायोसिस को कैसे प्रबंधित किया जा सकता है और प्राचीन ज्ञान के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य को नया जीवन दिया जा सकता है। एडेनोमायोसिस की समझ (Understanding Adenomyosis) एडेनोमायोसिस एक जनन विकार है जिसमें गर्भाशय की मांसपेशी के अंदर अंडकोष परत की असामान्य वृद्धि होती है। इस स्थिति से व्यक्ति के लाभान्वित होने वाले लक्षणों में गंभीर मासिक क्रैम्प्स, भारी ब्लीडिंग और अधिकांश पेल्विक दर्द जैसा ब्यापक वर्णन किया जा सकता है। यह आपके जीवन के गुणवत्ता और समग्र कल्याण पर प्रभाव डालता है, हालांकि यह हमेशा जीवन के लिए खतरनाक नहीं हो स...

Ayurvedic Panchakarma Treatment in Delhi

A strong and fit body with panchakarma!  Well there’s a nice saying that “it’s better to live a healthy a nd natural life rather than depending upon medicines” and this is absolutely true. We know that taking care of our body is the utmost duty of our life but due to the hustle bustle age people are not having enough time to look after their health and their body too. Mental and physical are the two many prospects of a healthy life. But the fact is that due to scheduling life people are unable to maintain their physical and mental health which further leads to many problems.  But take a pause and read this article below because today we will provide you the natural and the most subtle ways that how you live prosperous and an energy boosting life without any stress and in a natural way.  If you are looking for  ayurvedic   panchakarma treatment in Delhi.  Then you are on the absolute right path!  How to live a naturally body-fit life?  A natural bo...

कब और क्यों ज़रूरी है फिजियोथेरेपी? जानिए इससे जुड़ी खास बातें!

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  प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा व्यायाम के जरिए शरीर की मांसपेशियों को सही अनुपात में सक्रिय करने की विधा फिजियोथेरेपी कहलाती है. इसे हिंदी में भौतिक चिकित्सा पद्धति कहा जाता है. अधिकांश लोग फिजियोथेरेपी को ‘एक और’ वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति से ज्यादा महत्व नहीं देते। कुछ इसके दायरे को मसाज तक सीमित कर देते हैं, तो कुछ इसे खेल के दौरान लगने वाली चोट को ठीक करने के लिए उपयोगी मानते हैं। पर फिजियोथेरेपी की उपयोगिता इससे कहीं ज्यादा है। क्यों और कब जरूरी है फिजियोथेरेपी बता रही हैं वंदना भारती- अगर दवा, इंजेक्शन और ऑपरेशन के बिना दर्द से राहत पाना चाहते हैं तो फिजियोथेरेपी के बारे में सोचना चाहिए। चिकित्सा और सेहत दोनों ही क्षेत्रों के लिए यह तकनीक उपयोगी है। पर जानकारी की कमी व खर्च बचाने की चाह में लोग दर्द निवारक दवाएं लेते रहते हैं। मरीज तभी फिजियोथेरेपिस्ट के पास जाते हैं, जब दर्द असहनीय हो जाता है। फिजियोथेरेपी में न्यूरोलॉजी, हड्डी, हृदय, बच्चों व वृद्धों की समस्याओं के क्षेत्र से जुड़े खास एक्सपर्ट भी होते हैं। आमतौर पर Physiotherapist इलाज शुरू करने से पहले बीमारी का पूरा इ...

कब्ज क्या है?

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  कब्ज (Constipation) एक ऐसी समस्या है जिसके कारण मरीज का पेट ठीक से साफ नहीं होता और शौच के दौरान काफी दिक्कतें आती हैं । इस कारण रोगी को कई बार शौच के लिए जाना पड़ता है। पेट साफ ना होने के कारण पूरे दिन आलस्य बना रहता है। किसी काम में मन नहीं लगता। कब्ज की परेशानी के कारण मल त्यागने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, घण्टों बैठे रहना पड़ता है।इस समस्या से ठीक होने के लिए डॉ रूचि भरद्वाज से मिल कर इस परेशानी से मुक्ति पा सकते है ! ACTIVE आयु लाइफ पे आ कर अपनी समस्या से छुटकारा पा सकते है तो बीमारी को बढ़ाये न जल्दी संपर्क करे!   कब्ज क्या है? आयुर्वेद के अनुसार, शरीर का संतुलन वात, पित्त, कफ दोषों पर निर्भर करता है। इनमें हुए असंतुलन के कारण शरीर रोगों से घिर जाता है। खान-पान एवं जीवनशैली में लापरवाही के कारण जब जठराग्नि मन्द हो जाती है, तथा आहार सही समय पर ठीक प्रकार से नहीं पचता। इससे शरीर के दोष असंतुलित तथा दूषित होकर रोग उत्पन्न करते हैं। कब्ज में मुख्यतः वात दोष की दुष्टि होती है, जिस कारण मल सूखा एवं कठोर हो जाता है। सही समय पर मलत्याग नहीं हो पाता। कब्ज होने के कारण भो...